अमेरिका की टेक दिग्गज कंपनी ओरेकल (Oracle) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कई हफ्तों की अटकलों के बाद, रिपोर्ट्स बता रही हैं कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। इसका सबसे बुरा असर भारत में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ा है। कर्मचारियों को सुबह 5 से 6 बजे के बीच अचानक ईमेल मिले, जिसमें बताया गया कि उनकी नौकरी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई है।
अगर आपको लगता है कि कंपनी ने ये फैसला इसलिए लिया क्योंकि वो मंदी की दौर से गुजर रही है तो ऐसा नहीं है। आपको बता दें कि ओरेकल का नेट वर्थ 400 बिलियन डॉलर का है। साथ ही कंपनी के फाउंडर लैरी एलिसन दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। अगर ओरेकल के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने इसी तिमाही में 22 प्रतिशत आय अर्जित की है। इसके बावजूद भी कंपनी ने भारी-भरकम वर्कफोर्स की छंटनी की है और इसके लिए एआई डाटा सेंटर्स में निवेश का हवाला दिया है।
ग्लोबल लेवल पर 18 प्रतिशत कर्मचारियों की होगी छंटनी
ओरेकल की इस छंटनी का दायरा बेहद बड़ा है। इसके तहत ग्लोबल लेवल पर कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 18 प्रतिशत यानी करीब 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी है। इस कटौती की सबसे भारी गाज भारत पर गिरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निकाले गए कर्मचारियों में से लगभग 12 हजार कर्मचारी भारत से है। कंपनी का यह फैसला इतना अचानक और चौंकाने है। इसकी जानकारी न ही ह्यूमन रिसोर्स को थी और न ही मैनेजर्स की तरफ से कोई पूर्व सूचना दी गई थी। जैसे ही ‘ओरेकल लीडरशिप’ की ओर से छंटनी का ईमेल पहुंचा, उसके तुरंत बाद कर्मचारियों का इंटरनल सिस्टम एक्सेस भी ब्लॉक कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों को संभलने तक का मौका भी नहीं मिला।
सोशल मीडिया पर छलक रहा है दर्द
6 out of 20 members have been asked to leave. In many teams, almost 50% of team members are gone. Total layoffs are almost 20%.
Just got a call from a friend who is a senior manager.
Humble request to the @nsitharaman & @narendramodi to exempt the severance pay and support 🙏🙏. pic.twitter.com/xO9HepJ12n
— The Exploited TaxPayer (@IndiaNewGen) March 31, 2026
इस छंटनी की अचानक हुई कार्रवाई से कर्मचारी सदमे में हैं। एक्स, रेडिट और ब्लाइंड जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोग अपना दर्द साझा कर रहे हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा “मेरे एक दोस्त का फोन आया जो ओरेकल में सीनियर मैनेजर है। उसकी टीम के 20 में से 6 लोगों को निकाल दिया गया है। कई टीमों में तो 50% स्टाफ खत्म कर दिया गया है।” रेडिट पर भी प्रभावित कर्मचारियों ने अपनी निराशा जाहिर की। एक कर्मचारी ने लिखा, “आज सुबह 5 बजे ईमेल मिला… 20 साल से ज्यादा की सर्विस… बहुत खूब।” वहीं एक अन्य ने कहा, “अगले महीने मुझे यहां 4 साल पूरे होने वाले थे, लेकिन ठीक सुबह 6 बजे मुझे भी निकालने का ईमेल आ गया।”
कंपनी ने की सेवरेंस पैकेज देने की पेशकश
कंपनी ने इस पूरी प्रक्रिया को संगठनात्मक बदलाव और कामकाज को सुव्यवस्थित करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। जो कर्मचारी स्वैच्छिक इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, उनके लिए कंपनी ने एक सेवरेंस पैकेज भी पेश किया है। इस पैकेज के तहत कर्मचारियों को उनकी सेवा के हर वर्ष के बदले 15 दिन की सैलरी, एक महीने का नोटिस पे और दो महीने की अतिरिक्त सैलरी दी जा रही है। इसके साथ ही, प्रभावित कर्मियों को उनकी बची हुई छुट्टियों का पैसा और पात्रता के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान भी किया जाएगा।
एक साल में 80 हजार आईटी जॉब्स गईं
ओरेकल के जरिए की गई 30 हजार कर्मचारियों की ये छंटनी पिछले 12 महीनों में टेक इंडस्ट्री की किसी भी एक कंपनी के जरिए की गई सबसे बड़ी कटौती है। अगर देखा जाए तो एआई आने के बाद से ही सॉफ्टवेयर कंपनियों की स्थिति काफी चिंताजनक नजर आ रही है। पिछले एक साल में हुई कुल छंटनियों की बात करें तो इंटेल ने अप्रैल 2025 में 25 हजार, अमेजन ने जनवरी 2026 में 16 हजार, माइक्रोसॉफ्ट ने जुलाई 2025 में 9 हजार और ब्लॉक ने फरवरी 2026 में 4 हजार लोगों को नौकरी से निकाला है। अगर सभी आंकड़ों को मिलाकर देखें तो तो महज इन पांच दिग्गज कंपनियों ने ही एक साल से कम समय में 80 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया है।
क्या है इतनी बड़ी छंटनी की वजह?
इस छंटनी की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को माना जा रहा है। ओरेकल अब अपना पूरा ध्यान और निवेश एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स को बढ़ाने पर लगा रही है। इसके लिए कंपनी अपने संसाधनों और बजट को पुनर्व्यवस्थित कर रही है। इससे पहले अमेजन जैसी कंपनियां भी एआई पर खर्च बढ़ाने के लिए हजारों कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं।
क्या आगे भी जारी रहेगा छंटनियों का दौर?
सूत्रों की मानें तो यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है। अगले एक महीने के भीतर छंटनी का एक और राउंड देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने दावा किया है कि अमेरिका में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है, क्योंकि अमेरिका में अपने नागरिकों की छंटनी को लेकर नियम काफी सख्त हैं। फिलहाल, ओरेकल ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस अचानक हुए फैसले ने टेक इंडस्ट्री और कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता और डर का माहौल पैदा कर दिया है।






